Wednesday, 30 May 2018

Quiz? Gk and gs for railways UPSC and other competative exams

Quiz?  Gk and gs for railways UPSC and other competative exams
                        क्या आप जानते हैं?
🌟 किनहे  सीबीआई निदेशक के रूप में नियुक्त किया गया है।
 ➡ आलोक वर्मा
🌟 दुनिया के डायनेमिक शहरों में से भारत के किस शहर का पहला स्थान है।
➡ बेंगलुरु
🌟 दूसरी रायसीना वार्ता किस शहर में आयोजित हुई?
➡ नई दिल्ली
🌟 चांद पर चलने वाले अंतिम व्यक्ति कौन था?
➡ यूजीन शरम
🌟 विश्व पासपोर्ट रैंकिंग में भारतीय पासपोर्ट को कौन सा स्थान मिला है?
➡ 78वां

Tuesday, 8 May 2018

आओ जरा हंस ले, हिंदी चुटकुले

⭕टीचर- जिस बच्चे में कम दिमाग है वह खडा  है , बाकी सब बैठ जाए रोहित को छोड़कर सब बच्चे बैठ जाते हैं

टीचर- रोहित क्या तुम्हें अपने दिमाग पर शक है?
रोहित- नहीं सर मैं तो इसलिए खड़ा  रह गया क्योंकि आप अकेले खड़े अच्छे नहीं लग रहे थे।
😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😃😁😀😀😀😇😇😆😆😆😂😁😁😁😁😁😁😁😁
⭕ रोगी- डॉक्टर साहब आपने सिर बदन और जोडो में होने वाला दर्द बिल्कुल ठीक कर दिया अब एक तकलीफ रह गई है कि मुझे पसीना नहीं आता

डॉक्टर- चिंता ना करें मेरा बिल देखकर आपकी यह   तकलीफ भी दूर हो जाएगी
😁😁😁😇😇😇😇😇😇😇😀😄😄😄😄😂😂😂😡😬😠😠😬😬😡😈😈😠😕😆😅😠😣😢😥

Sunday, 6 May 2018

भिक्षा-पात्र हिंदी कहानी

दो-तीन वर्ष ठीक तरह से वर्षा न हुई थी। और इस बार तो एक बूंद भी ना बरसी थी। भयंकर सूखा पड़ा था। धरती का कलेजा फट गया था। उसमें जगह-जगह दरारें पड़ गई थी। पेड़ पौधे सूख गए थे। पशु-पक्षी प्यास  से व्याकुल थे। पक्षियों का कलरव भी कम सुनाई पड़ता था। न जाने भूखे-प्यासे कहां दुबके बैठे थे। 
नगर में अंकल पड़ा था। जिसके पास थोड़े बहुत अन्न था। उसने छुपाकर दुर्दिन  के लिए रख लिया था। प्रजा  हा हाकार कर उठी बात महात्मा बुद्ध की कानों में भी परी जन जन की परेशानी उन्हें देखी ना गई उन्होंने अपने शिष्य को इकट्ठा किया नगर के धनी भक्तजनों को बुला भेजा
विनम्र  स्वर में बुद्ध ने प्रश्न किया प्रियजनों बोलो भूखी प्रजा को अन देने के लिए तुम मुझसे कौन-कौन तैयार है
महात्मा बुद्ध के वचन सुन रत्नाकर सेठ का माथा लज्जा से झुक गया वह हाथ जोड़कर बोला भगवान इतने बड़े नगर के हर प्राणी को अनाज पहुंचाना मेरे बस की बात नहीं है
तथागत ने अपनी दृष्टि घुमाई बुद्ध की नजर सेनापति जयसेन पर परी जयसेन तथागत प्राण देने से यदि जनता को अन प्राप्त हो जाए तो मैं पल भर में तैयार हूं लेकिन मेरे घर में इतना अनाज कहां की पूरे नगर का पेट भर सकू
तभी धनी धर्मपाल भी बोल उठा भगवान मैं तो पहले ही भाग्य का मारा हूं वर्षा ना होने से मेरा सब खेत सूख गया है बीज के लिए रखे अनाज से किसी तरह परिवार को आधा पेट खिला पा रहा हूं मुझे तो एक चिंता और है इस वर्ष राज्य का कर कैसे चुका पाऊंगा सभी एक दूसरे का मुंह ताक रहे थे कभी भीड़ में से अचानक एक युवती सामने आई वह भी भगवान तथागत के प्रिय शिष्य थी और उसने बोला यह सेविका आपकी आज्ञा का पालन करेगी